नहीं माँ, तुम नहीं समझोगी.....


पैदा होते ही कोई बोलना नहीं सीखता.. एक माँ ही तो होती है जो दिन रात कोशिश कर अपने बच्चे को बोलना सिखाती है... शुरुआत में बच्चा बड़ी विचित्र भाषा बोलता है... जो ना तो हिंदी है ना अंग्रेजी ना तमिल और ना ही गुजराती... बल्कि अब तक की इजाद तमाम भाषाओ से परे एक अलग ही भाषा बोलता है वो बच्चा...
तोतले और आधे अधूरे शब्द जिसे समझ पाना नामुमकिन होता है... एक माँ उसे समझती है......
बच्चा माँ को समझे या ना समझे लेकिन माँ बच्चे की हर छोटी से छोटी बात.... हर छोटी से छोटी जरुरत समझती है और उसे पूरा करने के लिए कही बार पुरे परिवार से लड़ जाती है... मुझे याद है कि कैसे मेरी माँ ने मुझे क्रिकेट का बल्ला दिलाने के लिए मेरे पिताजी को राज़ी किया था.... चार दिन तक ड्रामा चला था .... और आखिर पिताजी को माँ कि जिद के आगे झुकना पड़ा था.. मुझे याद है कि कैसे मेरे कॉलेज में मन चाहे विषय लेने पर पिताजी नाराज़ हुए थे और कैसे माँ ने उन्हें शांत किया था... मुझे वो हर छोटी से छोटी लड़ाई याद है जो मेरी माँ ने मेरी खातिर पिताजी से की थी .........
लेकिन   वो तो माँ है... पर हमें क्या हो गया...... आज जब मै अपनी स्टडी टेबल पर परेशां सा बैठा था ..... कोई बात थी जो मुझे अंदर ही अंदर से खाए जा रही थी.... तभी माँ आई ... बढे प्यार से मेरे सिर पर हाथ रखा और पूछा बेटा क्या बात है... परेशान  नज़र आ रहे हो......मै परेशान तो था ही ऊपर से माँ ............मैने चिढ कर कहा... .तुम नहीं समझोगी माँ... ये मेरी समस्या है......     
शाम को छत  पर बैठा अपनी भूल पर आंशु बहा रहा था..... जिस माँ ने मेरी हर छोटी से छोटी बात को समझा है... दुनिया की सबसे विचित्र भाषा को भी समझा है............... मैने उस माँ से ये कहा कि तुम नहीं समझोगी माँ, ....... दुनिया में ऐसी कोई माँ नहीं होगी जो अपने बच्चे को ना समझे...
जिस तरह एक परिंदा आकाश मै उड़ता है तो उसकी परछाई धरती पर बनती है...
ठीक उसी तरह वो भगवान् आसमान में रहते है और उनकी परछाई धरती पर हमारा ख्याल रखती है.... और वो माँ है......... आप ये गलती मत करना जो मैंने की है....
कभी अपनी माँ से ये मत कहना कि नहीं माँ, तुम नहीं समझोगी......
Wishing you all in advance - HAPPY MOTHERS DAY

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