हर किसी को नहीं मिलता यहाँ प्यार जिन्दगी में....

प्यार.......एक बहुत ही सुंदर लेकिन बहुत ही सवालिया शब्द है......ना जाने कितनो पर सवालिया निशान लगा दिया है इस प्यार ने......प्यार करने वाले अक्सर बदनाम होते है....क्यों?
क्या प्यार करना गलत है ?
क्या प्यार बुरी चीज है ?
क्या प्यार खुदा की नेमत नहीं ?
........ऐसे ना जाने क्यों होता कि प्यार करने वाला अक्सर ज़माने से अलग और ज़माने की नजरो में अजीब होता है |
कहते है भगवान् कृष्ण ने भी सच्चा प्यार किया लेकिन पत्नी के रूप में उन्हें उनका प्यार नहीं मिला ....फिर भी उनके साथ उनकी पत्नी का नहीं बल्कि उनकी प्रेमिका का ही नाम जुड़ता है ....हर मंदिर में ...हर घर में.....राधा - किशन ही होते है ...तो क्या वो दोनों भी बदनाम है....क्या ज़माना उन्हें पसंद नहीं करता.... ?
प्यार को समझ ही नहीं पाया ये ज़माना.... प्यार पसंद है......प्यार सब कुछ है.....|
चलो एक कहानी सुनाता हु.....एक गाँव में एक किसान रहता था ....भोला नाम था उसका....भोला के पास एक काली गाय थी....वो उसकी बहुत सेवा करता था.....सुबह शाम भोला उस काली गाय की देख भाल में ही लगा रहता था....एक दिन आकाश मार्ग से भगवान् शिव और पार्वती गुजर रहे थे ....पार्वती की नज़र भोला पर पड़ी..जो कि जी जान से काली गाय की सेवा कर रहा था और उससे बाते भी कर रहा था.....पार्वती शिव जी से बोली...."प्रभु, क्या आपको लगता है कि धरती पर सभी आपको पसंद करते है....आपको पाना चाहते है....|"
 शिव जी बोले..." बे शक ....हर कोई मेरा दीवाना है....मुझे पाना चाहता है...|"
पार्वती बोली..."चलो इस बात को जांच लेते है....आप उस किसान से उसकी काली गाय ले आओ....|"
शिव जी बोले.... ठीक है...इसमें कोनसी बड़ी बात है.....अभी ले आता हु.....|"
शिव जी एक बूढ़े भिखारी का वेश बनाकर किसान के पास पहुचे और बोले बच्चा में बहुत बुढा हो गया हु और अब भीख मांगने कही जा नहीं पाता .... अगर तुम मुझे अपनी ये गाय दे दो तो तुम्हारा बहुत उपकार होगा...मै इसके  दूध से अपनी भूख मिटा सकता हु.....|
किसान  बोला...भाई मै तुम्हे ये गाय तो नहीं दे सकता लेकिन हाँ, तुम आज से मेरे साथ ही रहो....मै तुमारी भी इसी तरह सेवा करूँगा.....|
भगवान् शिव ने अपना असली रूप दिखाया तो किसान हक्का बक्का रह गया....भगवान् शिव ने फिर अपनी मांग दोहराई....लेकिन किसान ने गाय देने से साफ़ इन्कार कर दिया....भगवान् बहुत गुस्सा हुए....और बोले अगर तुम मुझे अपनी गाय नहीं दोगे तो मै तुम्हे ख़त्म कर दूंगा .....किसान घबराया नहीं और अपनी बात पर कायम रहा .....आखिर शिव जी को हार माननी पड़ी ....शिव जी वापस लौट गए...|
शिव जी पार्वती से बोले, ये केवल एक गाय नहीं....इसके पूर्व जन्म में ये गाय इसकी जीवन साथी थी....इसीलिये इस जन्म में भी इनके बीच वो भावनात्मक रिश्ता जुड़ा हुआ है.....ये अपनी गाय कभी नहीं देगा....|
दोस्तों, प्यार भगवान् से भी बड़ा होता है ....क्यों कि भगवान् की पूजा तो हम करते है....लेकिन प्यार किया नहीं जाता...हो जाता है....|
प्यार किसी भी उम्र में.....किसी भी वक्त...किसी से भी हो सकता है.....|
किसी इंसान से......अपने काम से.....अपनों से......या अपने आप से....प्यार कभी भी और कही भी हो सकता है....| 
प्यार करो.....दुनिया प्यारी हो जायेगी.....दुनिया में अगर खराबी है तो वो प्यार से दूर हो जायेगी.....|
प्यार अगर करो तो पूरा करो....उसे बीच में छोड़ना प्यार से धोखा है और प्यार को धोखा देने वाला कभी सुखी नहीं हो सकता....|
अगर आपको प्यार मिला है तो आप दुनिया के चंद खुशकिस्मत इंसानों में से हो...क्यों कि हर किसी को नहीं मिलता यहाँ प्यार जिन्दगी में....|

1 टिप्पणी:

  1. aapne kha aapni last line main ki lv ko bioch main chod dena dhoka hai to krishan ne Radha ji ke saath dhokha ki tha ?

    Q2. or bad main dono ne kissi or se sadi kar li ye bhi dhokha hai kya?

    Q 3. Ya phr Radha ji ke payar main kahin koi maki thi jo krishna unhe na mile ?

    ya

    Q 4.ye Krishna ki badnashibi thi ki jo use itna chahti thi wo uske hoke na rah sake ?

    or

    Q5. Lv milne ko kahte hain ya bhichd jaane ko ?

    or

    Q6.aapne kaha ani us cow n farmer wali story main ki indono ka emotional relation hai >>>
    to plz kya aap mere liye ye solve kar denge ki

    "lv kya hai" ?
    op1.emotional relation
    op2.spiritual relation
    op3. or

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