प्यार अमर रहे......



अक्सर हम किसी के शब्दों से सहमत नहीं होते और उससे तर्क वितर्क करते है |
मेरी एक महिला मित्र ने भी यही किया, मेरी एक रचना से सहमत नहीं सो हुई सो उसने भी वही किया.... सवालों की बौछार शुरू कर दी...मेरे नाजुक कंधो को सवालों के भार से दबा दिया |

मेरी एक रचना "हर किसी को नहीं मिलता यहाँ प्यार जिन्दगी में...." में मैने बताया कि प्यार को बीच में छोड़ना एक गुनाह है ....मेरी मित्र ने सवाल किया कि भगवान् श्री कृष्ण ने राधा से प्यार किया लेकिन शादी किसी और से कि तो क्या भगवान् ने राधा जी को धोखा दिया था ?


सवाल गलत नहीं ना था, बहुत ही सार्थक था, आप लोगो के मन मस्तिष्क में भी शायद ये सवाल हो तो आज में आपके और मेरी उस मित्र के सवालों को हल करने कि पूरी पूरी कोशिश करूँगा.....आप मेरे शब्दों को समझने का प्रयास करना...|

भगवान् को आपको और हम सबको इस धरती पर क्यों भेजा ?
आप जिस घर में जन्मे है, उसी घर में क्यों जन्मे ?
आपका नाम जो है वही क्यों है ?
आज आप मुझसे सवाल क्यों कर रहे है ?
...... ऐसे कितने ही सवाल होंगे, जिनका जवाब सिर्फ एक ही है....सब कुछ पहले से तय होता है....जो जो जब जब होना है...सो सो तब तब होता है.....हमारा इस पर कोई बस नहीं चलता ....|

श्री कृष्ण भगवान् विष्णु के अवतार थे....और कंश के अंत के लिए धरती पर आये थे....यानि वो भगवान् नहीं बल्कि भगवान् का अवतार थे....उनका धरती पर जन्म एक उद्देश्य के लिए हुआ था.... कंश का विनाश ना कि प्यार मोहब्बत....उनकी डोर भी हमारी ही तरह भगवान् विष्णु के हाथ में थी.....आपकी परछाई आपकी मर्जी के बिना हिल सकती है क्या ?....नहीं.....तो भगवान् विष्णु की परछाई उनकी मर्जी के बिना कुछ कैसे कर सकती थी.......जब भगवान् विष्णु को लगा कि कृष्ण अपने प्रमुख उद्देश्य से परे हटकर प्यार मोहब्बत में लगे हुए है तो उन्होंने विधि का विधान बदल दिया और कृष्ण राधा को अलग कर दिया.....वरना कोई जान बुझ कर अपने प्यार को नहीं छोड़ता.....|

अगर कृष्ण राधा के प्यार में फंसे रहते और कंश को मारने का उद्देश्य भूल जाते तो क्यों आज आप उनकी आराधना करते.....? 
नहीं.... हरगिज नहीं....पूजा काम की होती है नाम की नहीं......मै विसंक जोधपुरी हु .....क्या इसलिए आप मुझसे बात कर रहे है......या मै लिखता हु....इसलिए.....|

भगवान् के काम पर शक करना छोडो और अपने काम पर ध्यान दो......यही आपके, मेरे और हम सब के हित मै होगा.....|

प्यार  अमर रहे......|


2 टिप्‍पणियां:

  1. भगवान् के काम पर शक करना छोडो और अपने काम पर ध्यान दो......यही आपके, मेरे और हम सब के हित मै होगा.....|

    क्या बात है ........

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    ( कौन हो भारतीय स्त्री का आदर्श - द्रौपदी या सीता.. )
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